मथुराप्रसाद दीक्षित

 मथुराप्रसाद दीक्षित (म.म.)

भगवन्तनगर ग्राम (जिला हरदोई उ.प्र.) में। पिता-बदरीनाथ।माता- कुन्तीदेवी। पितामह- हरिहर (प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य)पत्नी-गौरीदेवी। पुत्र-सदाशिव दीक्षित (संस्कृत नाटककार) ।इनकी कृतियों की संख्या 24 हैं, जिनमें 6 नाटक हैं।

🕉️ कृतियां🕉️शीशास्त्रार्थ, कुतर्क-तरु-कुठार, कलिदूतमुखमर्दन, जैनरहस्य,

कुण्डगोलनिर्णय, मन्दिर-प्रवेश-निर्णय,व वर्णसंकर-जाति-निर्णय पणिनीय-सिद्धान्त-कौमुदी, मातृदर्शन,समास-चिन्तामणि, केलिकुतूहल, प्राकृतप्रकाश, रोगिमृत्यु-विज्ञान,गौरी-व्याकरण, पृथ्वीराजरासो की टीका, पालि-प्राकृत व्याकरणऔर कविता-रहस्य।

अप्रकाशित नाटक, 

नारायण-बलि-निर्णय,-आदर्श-लघुकौमुदी,वीर-प्रताप, वीर-पृथ्वीराज-विजय,भक्त-सुदर्शन, शंकरविजय, गांधीविजय,भूभारोद्धरण। अप्रकाशित नाटक- जानकी-परिणय, युधिष्ठिर-

अप्रकाशित काव्य-भारत-विजय,राज्य, कौरवोचित-भ्रष्टाचार-साम्राज्य।भगवत्-नख-शिख-वर्णनशतक,अतिरिक्त, 'अभिधान-राजेन्द्र-कोश' का अंशतः सम्पादन ।'पृथ्वीराजरासो' की गवेषणात्मक टीका पर, 'महामहोपाध्याय'की उपाधि प्राप्त।


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